आंध्र प्रदेश ने कोरोना टीकाकरण का पता लगाने के लिए बनाई ऐप, ऐसे करेगी काम

अधिकारियों ने कहा कि ऐप को राज्य में कहीं से भी टीकाकरण डेटा या जानकारी की ऑनलाइन निगरानी और कैप्चर करने के लिए विकसित किया गया है।

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आंध्र प्रदेश ने कोरोना टीकाकरण का पता लगाने के लिए बनाई ऐप, ऐसे करेगी काम

अमरावती। आंध्र प्रदेश ने सोमवार से कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल ऐप विकसित की है। अधिकारियों ने कहा कि ऐप को राज्य में कहीं से भी टीकाकरण डेटा या जानकारी की ऑनलाइन निगरानी और कैप्चर करने के लिए विकसित किया गया है।

राज्य के कोविड नोडल अधिकारी डॉ अरजा श्रीकांत ने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी इस ऐप का उपयोग टीकाकरण के लिए व्यक्तिगत विवरणों को दर्ज करने के लिए करेंगे।

प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी को यूजर नाम और पासवर्ड दे दिया गया है। सभी चिकित्सा लॉगिन अधिकारी को पूरे जिले की बिना वैक्सीनेशन वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थकेयर वर्कर्स को सूची दे दी गई है।

हेल्थकेयर वर्कर या फ्रंटलाइन वर्कर को पंजीकरण आईडी या मोबाइल नंबर या नाम से खोजा जा सकता है।

समय सीमा के अनुसार प्रत्येक फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्कर्स के मोबाइल पर एक एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा।

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स्वास्थ्य विभाग ने सभी फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्कर्स को अपने एसएमएस अलर्ट टाइम स्लॉट के अनुसार सोमवार तक टीकाकरण पूरा करने का निर्देश दिया है।

अधिकारी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी, राज्य प्रशासन अपने सभी लगभग 5 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और हेल्थकेयर वर्कर्स के टीकाकरण को पूरा करने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा, टीकाकरण कोविड-19 के खिलाफ एकमात्र हथियार है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अधिकारियों को अस्पतालों के टीकाकरण, टेस्ट और तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन छह लाख टीके लगाए जाने चाहिए। रेड्डी ने पहले ही केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है जिसमें आवश्यक वैक्सीन की खुराक मांगी गई है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को अनिवार्य रूप से वैक्सीन लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "पिछले साल से राज्य में 1.55 करोड़ टेस्ट किए गए हैं और 9.37 लाख रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। राज्य में पॉजिटिविटी दर 6.03 प्रतिशत है, जबकि रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत 88.9 प्रतिशत के मुकाबले 96.19 प्रतिशत है।"

--आईएएनएस

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